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सासाराम इलाका *धान का कटोरा* पर किसानों की हालत खराब -नरेंद्र मोदी

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नरेंद्र मोदी ने सासाराम की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां का किसान परेशान है, पानी की समस्या अभी तक नहीं सुलझ पाई है। नरेंद्र मोदी ने लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके इलाके में सबकुछ की कमी है। बाबू जगजीवन के प्रयासों से दुर्गावती जलपरियोजना का शिलान्यास हुआ था, पर आज तक नहीं बन पाया है। मोदी ने जनता से सवाल किया कि इसके लिए कौन जिम्मेवार है। यहां की सांसद? अगर सासाराम का भाग्य बदलना है तो दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनाएं।
मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि नदियों को जोड़ा जाए। अगर यह काम हो गया रहता तो बिहार के कई इलाकों में सुखाड़ की स्थिति नहीं रहती है और न ही इलाके में बाढ़ की स्थिति रहती। सासाराम का इलाका धान का कटोरा है, पर किसानों की हालत खराब।
अगर धान ज्यादा पैदा करे तो भी मुसीबत, नहीं पैदा करे तो भी परेशानी। किसानों से धान खरीदने की व्यवस्था नहीं है। मोदी ने कहा यहां के किसान चूहों को खाने के लिए अपना पसीना बहाता है। यहां के किसानों की ऊपज बेकार चली जाती है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि इन्हें चुनावों के समय किसान याद आते हैं। गरीबों के प्रति दिल्ली में बैठी सरकार का रुख कुछ भी ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कांग्रेस की सरकार ने गरीबों के बीच धान का वितरण नहीं किया। उसे शराब बनाने वालों के बीच बेच दिया।
मोदी ने जनता से सवाल किया कि बिजली का क्या हाल है, आती है क्या? जब बिहार और झारखंड एक था तब आपके पास कोयले का भंडार था। आपको ऐसी सरकार मिली, दिल्ली में ऐसी सरकार बनी कि कोयला से बिजली पैदा करने का नहीं सोचा। आप चाहते हैं कि अंधेरा हटायें, इसके लिए पहले आपको दिल्ली सरकार को हटाना होगा यानी केन्द्र की सरकार को हटाना होगा
जंगल राज से मुक्ति करने वाले लोग आज भी बिजली देने में बिहार में सक्षम नहीं है। जब मैं मुख्यमंत्री बना तो गुजरात के लोगों ने कहा कि कम से कम खाना खाने के समय बिजली दो, मैं क्या। आज गुजरात में 24 घंटे बिजली रहती है। गुजरात में छोटे-छोटे गांव में उद्योग खुले हैं, कंप्यूटर लगे हैं। गांव में बड़े-बड़े लोग रहने लगे हैं। क्या भाईयों यह बिहार में होना चाहिए कि नहीं। जनता बोली होना चाहिए। हमारे यहां खबर छपती है कि बिजली चली गयी, पर बिहार में खबर छपती है कि बिहार में बिजली आयी। लोग चर्चा करते हैं कि बिजली हमारे यहां कब आई।

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