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वार्षिक पूजा के लिए खुले सबरीमला मंदिर के कपाट,धारा 144 लागू

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सबरीमाला मंदिर के कपाट दो महीने तक चलने वाली वार्षिक पूजा के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच आज से खुल गए हैं। इसके साथ ही गुरुवार रात से ही वहां 22 नवंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। इस दौरान वहां किसी तरह का धरना प्रदर्शन नहीं हो सकेगा। वहीं,भगवान अयप्पा के श्रद्धालु मंदिर में माहवारी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ अब भी अड़े हुए हैं।
कोच्चि के नेदुमबासरी हवाई अड्डे पर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला,जब सामाजिक कार्यकर्त्ता तृप्ति देसाई को उनकी छह महिला साथियों के साथ बाहर नहीं निकलने नहीं दिया गया। तृप्ति ने मंदिर में प्रार्थना करने का संकल्प लिया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अयप्पा के मंत्रोच्चार के साथ प्रदर्शन किया। देसाई और उनकी सहयोगियों को करीब सात घंटे तक हवाई अड्डे के भीतर रोक कर रखा गया। स्थिति से निपटने के लिए बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर मौजूद थे।
एक ओर श्रद्धालु इस बात पर अड़े हुए हैं कि उन्हें हवाई अड्डे से बाहर नहीं आने दिया जाएगा,वहीं देसाई का कहना है कि मंदिर में दर्शन किए बिना लौटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के फैसले के बाद मंदिर तीसरी बार खुलेगा। सबरीमला मंदिर मंडला मक्काराविल्लकु के लिए आज शाम पांच बजे खुला। इसे देखते हुए मंदिर के अंदर और आस-पास पुलिसकर्मियों की बड़ी तादात में तैनाती की गई है। इससे पहले दो बार मंदिर खुलने के दौरान काफी विरोध प्रदर्शन हुए थे,जिसके चलते इस बार सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस महानिरीक्षक विजय सलीम ने पुलिसकर्मियों से सबरीमला में सख्त ड्रेस कोड का पालन करने को कहा है। हालांकि,मंदिर तक जाने वाली 18 सीढ़ियों पर मौजूद रहने वाले पुलिसकर्मियों को इससे छूट दी गई है। महिला पुलिसकर्मी और 860 महिला सिविल पुलिस अधिकारियों समेत करीब 15,000 कर्मियों की इस दौरान तैनाती की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर के अपने आदेश में भगवान अयप्पा मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी थी, लेकिन अभी तक कोई महिला दर्शन नहीं कर सकी।

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