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भारी बारिश के बीच देश में 75 फीसदी हुर्इ खरीफ फसलों की बुआर्इ

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सरकार ने यह दावा किया है कि भारी बारिश के बीच देश में निर्धारित खरीफ फसल के रकबों में से करीब 75 फीसदी जमीन पर फसलों की बुआर्इ कर दी गयी है. कृषि मंत्रालय ने कहा है कि चालू खरीफ सत्र में अब तक 75 प्रतिशत के रकबे में धान, दलहनों और अन्य फसलों की बुआई कर ली गयी है. इस बार धान, दलहन, कपास और गन्ना बुआई का रकबा पिछले साल के मुकाबले अधिक है. खरीफ (गरमी के मौसम) सत्र की बुआई दक्षिण पश्चिम मानसून के साथ शुरू होती है. मौसम विभाग के अनुसार, देश भर में 26 जुलाई तक बारिश दीर्घावधिक औसत से पांच प्रतिशत अधिक थी, लेकिन केरल, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक भागों में अभी तक कम बारिश हुई है.
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मंत्रालय द्वारा जारी किये गये ताजा आंकड़ों के अनुसार, अभी तक खरीफ फसल धान, दलहन, मोटे अनाज, तिलहन, गन्ना, कपास और जूट की बुआई 791.34 लाख हेक्टेयर में की गयी है. बुआई का यह रकबा वर्ष भर पहले समान अवधि में 765.79 लाख हेक्टेयर था. पिछले वर्ष खरीफ फसलों की बुआई कुल 1,062 लाख हेक्टेयर में की गयी. पांच वर्षो के औसत बुआई का रकबा 1,058 लाख हेक्टेयर है. चालू सत्र में अभी तक खरीफ फसलों में धान बुआई का रकबा 2.47 फीसदी बढ़कर 216.23 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल 211.30 लाख हेक्टेयर था.
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और असम में मौजूदा भारी बारिश आने वाले दिनों में बुआई को गति प्रदान करेगी तथा धान और अन्य फसलों की बुआई का रकबा और बढ़ेगा. समीक्षाधीन अवधि में दलहनों की बुआई का रकबा बढ़कर 114.88 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पहले 107.44 लाख हेक्टेयर था, जबकि मोटे अनाज की खेती का रकबा पहले के 145.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 150.19 लाख हेक्टेयर हो गया है. हालांकि, तिलहन फसलों की बुआई का रकबा 142.31 लाख हेक्टेयर ही रहा, जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 156.65 लाख हेक्टेयर था.

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