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बेनामी संपत्ति मामले में लालू परिवार के 22 ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे

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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव परिवार द्वारा एक हजार करोड़ रुपये के बेनामी लैंड डील मामले में दिल्ली, गुड़गांव सहित उनके 22 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है. यह छापेमारी आज सुबह साढ़े आठ बजे से चल रही है. लालू की पार्टी के सांसद व कारोबारी प्रेमचंद गुप्ता के बेटे के घर पर भी आयकर विभाग ने छापेमारी की है. लालू परिवार के ठिकानों पर छापेमारी पर सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि उनके परिवार ने गलत ढंग से संपत्तियां अर्जित की है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने कल ही था कि अगर कोई तथ्य है तो कानून का सहारा लें. उन्होंने कहा है कि एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. वहीं, बिहार जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कोई सीधी टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि एजेंसी अपना काम कर रही है.
ज्ञात हो कि पिछले एक महीने से बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी लालू परिवार पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाते हुए कई कागजात लगातार पेश कर रहे हैं. सुशील मोदी ने लालू परिवार पर राजधानी पटना सहित नयी दिल्ली में हजार करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति और जमीन खरीदने का आरोप लगाया है. उन्होंने लालू के दोनों मंत्री बेटों तेजस्वी यादव व तेजप्रताप यादव एवं सांसद बेटी मीसा भारती पर भी आरोप लगाये हैं. सुशील मोदी ने लालू पर रेल मंत्री रहते हुए कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से कालाधन बनाने का आरोप लगाते हुए जांच की भी मांग की थी.
सुशील कुमार मोदी ने कत्याल परिवार से कौड़ी के भाव जमीन लेकर उसे करोड़ों में बेचने और मॉल बनाने का भी आरोप लगाया था. इस मामले को लेकर पटना हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर हो चुकीबीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक बार फिर लालू परिवार की बेनामी संपत्ति को लेकर हमला बोला है. सुशील मोदी ने लालू परिवार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर संवैधानिक पद पर रहते हुए कथित जमीन और मॉल घोटाले का आरोप लगाते हुए 750 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है. सुशील मोदी ने आज अपने आवास पर जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए बेनामी जमीन खरीदने हेतु ओम प्रकाश कत्याल परिवार ने 2006 में ए. के इंफोसिस्टम प्रा. ली. नाम से एक कंपनी बनायी.
कंपनी का मकसद साफ था-सुमो
सुशील मोदी ने कहा कि इस कंपनी का एक ही मकसद था कि रेल मंत्री लालू के लिए बेनामी संपत्ति की खरीद करना, ताकि भविष्य में पूरी कंपनी लालू परिवार को सौंपी जा सके. सुशील मोदी ने बताया कि इस कंपनी ने मार्च 2007 में 39 लाख में पटना के पानापुर 28.57 डिसमिल, चितकोहरा में 43 डिसमिल जमीन खरीदी. उन्होंने कहा कि कंपनी ने तेजस्वी और तेज प्रताप को प्रभुनाथ यादव से गिफ्ट में मिली सलेमपुर डुमरा में 2 मंजिला पक्का मकान सहित 2 कट्ठा 1 धूर जमीन, जिसकी कीमत 14 लाख थी, को 70 लाख में खरीद ली.
नया खुलासा
मोदी ने नया खुलासा करते हुए कहा कि ओ.पी. कत्याल ने अस्सी लाख तथा अमित कत्याल ने 35 लाख का कर्ज ए. के. इंफोसिस्टम को दिया, ताकि तेजस्वी और तेज प्रताप के लिए अन्य जमीन खरीदी जा सके. सुशील मोदी ने कहा कि प्रभुनाथ यादव ने 26 जुलाई 2006 को गिफ्ट दिया और कीमत 6 लाख 95 हजार दिखलाया. 45 माह बाद इस जमीन को 70 लाख में बेचा गया. सुशील मोदी ने पूछा की कैसे कत्याल की कंपनी को नौ गुना कीमत पर यह जमीन मिली ? 2014 में कत्याल परिवार इस कंपनी से अलग हो गये और पूरी कंपनी लालू परिवार के हवाले हो गयी.
लालू परिवार है कंपनी का असली मालिक
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कत्याल परिवार कंपनी की 85 प्रतिशत शेयर राबड़ी देवी और 15 प्रतिशत हिस्सेदारी तेजस्वी प्रसाद यादव की है. रागिनी, लालू तथा चंदा यादव एक मात्र निदेशक हैं. उन्होंने पूछा कि बिहटा में शराब फैक्ट्री लगाने वाले कत्याल परिवार ने लालू के रेल मंत्रित्व काल में कंपनी का गठन क्यों किया. सुशील मोदी ने पूछा कि इस कंपनी ने लालू परिवार के लिए जमीन खरीदने के अलावा कोई दूसरा व्यवसाय क्यों नहीं किया ? भूमिहीन प्रभुनाथ यादव ने कैसे मकान और जमीन तेज प्रताप को गिफ्ट कर दिया. कत्याल परिवार की कंपनी 45 माह में ही दो मंजिला मकान को 9 गुना कीमत 54 लाख में क्यों खरीद लिया. कत्याल परिवार ने चितकोहरा और पानापुर की जमीन लालू को क्यों सौंपी ? कंपनी ने अपना सौ फीसदी शेयर और 50 करोड़ से ज्यादा की जमीन लालू परिवार को क्यों दे दिया ? है.

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