Comments Off on दांव पर दक्षिण हरियाणा के इन 6 राजनीतिक परिवारों की साख 5

दांव पर दक्षिण हरियाणा के इन 6 राजनीतिक परिवारों की साख

चुनाव, ताज़ा ख़बर, ताज़ा समाचार, प्रमुख ख़बरें, बड़ी ख़बरें, विधान सभा, हरियाणा

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार दक्षिण हरियाणा में छह राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठता दांव पर है। यहां की कई विधानसभा सीटों का गणित अहीरवाल व मेवात के चौधरियों से जुड़ा है। एक ओर जहां अहीरवाल के तीन प्रतिष्ठित राव परिवारों से चार चेहरे मैदान में हैं, वहीं तीन दिग्गज मेव नेताओं की प्रतिष्ठा भी अलग-अलग सीटों पर दांव पर लगी है। कुछ सीटों पर राव बनाम राव तो कुछ पर प्रतिष्ठित मेव घराने आमने-सामने हैं। चुनाव परिणाम से मेवात के तीन घरानों व राव परिवार की विरासत की शक्ति का भी फैसला होगा।
रावों की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह के छोटे बेटे राव यादुवेंद्र सिंह जहां कोसली से चुनाव मैदान में हैं, वहीं उनके पोते अर्जुन सिंह अटेली से मैदान में है। राव अभय सिंह के पौत्र चिरंजीव राव रेवाड़ी से चुनाव मैदान में हैं, जबकि राव मोहर सिंह के बेटे कमलबीर बादशाहपुर से चुनाव मैदान में हैं। नूंह के प्रतिष्ठित रेहाना घराने से यासीन खां के पौत्र व तैयब हुसैन के बेटे जाकिर हुसैन भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं। कांग्रेस ने उनके मुकाबले में खानपुर घराने से पूर्वमंत्री खुर्शीद अहमद के बेटे आफताब अहमद को उतारा है।
इसी क्रम में बड़े नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस ने काठपुरी घराने से चौ. रहीम खान के बेटे मोहम्मद इलियास को पुन्हाना से मैदान में उतारा है। रेहाना, काठपुरी व खानपुर घरानों के अलावा तिगावं व नीमखेड़ा नाम से दो नए घराने भी हैं। भाजपा ने तिगांव घराने से पूर्व मंत्री शकरुल्ला खान के बेटे नसीम अहमद को फिरोजपुर झिरका से चुनाव मैदान में उतारा है। नीमखेड़ा घराने से निवर्तमान विधायक रहीशा खान चुनाव मैदान में हैं। रहीशा खान ने पुन्हाना से निर्दलीय पर्चा भरा है। रहीशा पूर्व मंत्री अजमत खां के बेटे हैं।
वर्ष 1936 से राव मोहर सिंह का परिवार राजनीति में है। मोहर सिंह के बाद उनके बेटे राव महाबीर सिंह मंत्री रहे। बाद में उनके बेटे राव नरबीर सिंह ने राजनीति में उतार-चढ़ाव देखे।
इस बार नरबीर का टिकट कटा तो बादशाहपुर से उनके छोटे भाई कमलबीर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव परिणाम से यह भी सिद्घ होगा कि राव बिरेंद्र सिंह की विरासत पर केवल उनके बड़े बेटे राव इंद्रजीत सिंह का ही कब्जा है या दोनों छोटे बेटे राव अजीत सिंह व राव यादुवेंद्र सिंह भी अपना दबदबा दिखा पाएंगे।
राव यादुवेंद्र कोसली से व अजीत सिंह के बेटे राव अर्जुन सिंह अटेली से कांग्रेस की टिकट पर मैदान में है।
इंद्रजीत ने दोनों जगह अपनी पसंद के भाजपा उम्मीदवार उतारे हैं।
अटेली में राव ने सीताराम को व कोसली में लक्ष्मण को मैदान में उतारा है।
राव अभय सिंह की राजनीतिक विरासत के बल पर कैप्टन अजय सिंह यादव ने रेवाड़ी विस से लगातार छह चुनाव जीते। इस बार कैप्टन ने खुद के बेटे चिरंजीव राव को आगे किया है।
मेवात के अधिकांश चौधरी भाजपा विरोधी रहे हैं। पहली बार तैयब हुसैन जैसे बड़े चौधरियों के परिवार भाजपा से जुड़े हैं।
मोहम्मद इलियास तीन विस सीटों से अलग-अलग चुनाव जीत चुके हैं।
मेवात में रेहाना, काठपुरी व खानपुर नाम से तीन प्रमुख घराने हैं। बाद में तिगांव व नामखेड़ा नाम से दो नए घराने भी उभरे हैं। इस बार पांचों घरानों से उम्मीदवाद मैदान में है।

Back to Top

Search