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जाति एक सच्चाई है, लेकिन विकास का एजेंडा ऊपर होना चाहिए-रामविलास पासवान

चुनाव, बिहार, विधान सभा

केन्द्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा कि जाति एक सच्चाई है, लेकिन विकास का एजेंडा ऊपर होना चाहिए। पहले के चुनावों में जातिवाद हावी रहता था। राज्य की जनता पहली बार विकास के मुद्दे पर वोट देगी।एक निजी चैनल के कार्यक्रम में श्री पासवान ने कहा कि चुनाव बाद नीतीश कुमार को लालू प्रसाद की सच्चाई का पता चल जाएगा। वह अकेले लड़ते तो कुछ ज्यादा सीटें पा लेते, लेकिन लालू प्रसाद के साथ होने से घाटा ही होगा। लालू प्रसाद अपना वोट किसी को ट्रांसफर नहीं कराते हैं। हमने 2010 के लोकसभा चुनाव में झेला है। मैं किसी खास जाति या समुदाय का नेता नहीं हूं। मुझे सभी जातियों से प्रेम है। हां, दलितों के हित के लिए संषर्घ करते रहा हूं।
परिवारवाद से जुड़े सवाल पर कहा कि जहां परिवार है वहां थोड़ा वाद हो ही जाता है। कौन चाहता है कि अपने पुत्र को आगे नहीं बढ़ने दें। जहां तक चिराग की बात है तो अब वह रामविलास पासवान के मोहताज नहीं है। वह सिनेमा में काम करते थे और जनता ने उनके लोकप्रिय होने का भी सर्टिफिकेट दे दिया है। एक सर्वे में भी वह सबसे लोकप्रिय युवा नेता के रूप में उभरे हैं।
लालू प्रसाद द्वारा मौसम वैज्ञानिक कहे जाने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए कंप्लीमेंट है। जो नेता 10 साल आगे नहीं सोचे वह कभी सफल नहीं हो सकता। हम सत्ता के साथ कभी नहीं गए। हमारे जाने पर वह दल सत्ता में आ जाता है।मुख्यमंत्री बनना हमारे एजेंडे में नहीं है। तीन बार मैं इस पद को ठुकरा चुका हूं। जेपी हमें बिहार का सीएम बनाने चाहते थे, लेकिन हमने रामसुंदर दास का नाम आगे किया। 2005 में भी नीतीश कुमार ने हमें ऑफर दिया था, लेकिन हमने ठुकरा दिया।

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