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ऑटो ड्राइवर के बेटे ने स्कूल क्रिकेट में रचा इतिहास

क्रिकेट जगत, खेल, मुम्बई

क्रिकेट में आए दिन नए रिकॉर्ड बनते हैं और पुराने टूट जाते हैं, लेकिन मुंबई में एक ऐसा रिकॉर्ड बना है जिसे तोड़ने में पता नहीं कितने साल लग जाएं। स्कूली क्रिकेट में प्रणव धनावड़े ने 1000 रनों की व्यक्तिगत पारी खेलकर सबको चौंका डाला है। प्रणव को खुद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बधाई दी है।वह क्रिकेट इतिहास में चार अंकों का स्कोर बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। केसी गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल की तरफ से खेल रहे 15 वर्षीय धनवाड़े ने मुंबई क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित भंडारी कप अंतरस्कूल टूर्नामेंट में आर्य गुरुकुल के खिलाफ केवल 323 गेंदों पर यह स्कोर बनाया और उनका स्ट्राइक रेट 312.38 रहा।
धनवाड़े ने 395 मिनट तक चली अपनी इस पारी में 129 चौके और 59 छक्के जमाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी का अंत तब हुआ जब उनकी टीम ने तीन विकेट पर 1495 के स्कोर पर पारी समाप्त घोषित की। यह भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है। धनवाड़े की स्कूल ने विक्टोरिया के न्यूसाउथ वेल्स के खिलाफ 1926 में बनाए गए 1107 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
धनवाड़े के नाम पर अब भी किसी तरह की क्रिकेट में एक पारी में सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। मैच के पहले दिन अपनी पारी के दौरान उन्होंने भारतीय स्कूली क्रिकेट में 546 रन के सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। यह रिकॉर्ड मुंबई के एक अन्य क्रिकेटर पृथ्वी शॉ ने 2013 में हैरिस शील्ड मैच में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की तरफ से सेंट फ्रांसिस डि एसीसी के खिलाफ बनाया था।
10वीं में पढ़ने वाला प्रणव एमसीए के अनुभवी कोच मोबिन शेख का छात्र है और वह ऑटोरिक्शा चालक का एकमात्र बेटा है। ठाणे के निकट कल्याण के वायलेंगर मैदान पर खेले गए मैच में उनकी टीम ने यह विशाल स्कोर अपने प्रतिद्वंद्वी के 17 ओवर में 31 रन पर आउट होने के जवाब में बनाया। धनवाड़े सोमवार को स्टंप उखड़ने के समय 652 रन बनाकर नॉटआउट था लेकिन तब तक उन्होंने सभी तरह की क्रिकेट में एक पारी में सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम लिखवा दिया था।इसके अलावा प्रणव ने ब्रिटेन के एईजे कोलिन्स का क्लार्क हाउस के खिलाफ नॉर्थ टाउन में 1899 में बनाए गए नॉटआउट 628 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा।
धनवाड़े के कोच शेख कहा, ‘धनवाड़े जब छह साल का था तब से मेरे पास है। उसके इस प्रदर्शन से इस क्षेत्र में क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिलेगा। कल्याण के आसपास हमारे यहां काफी प्रतिभा है लेकिन उचित सुविधाएं नहीं होने से ये खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस मैच को देखने पूर्व भारतीय कप्तान और एमसीए उपाध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर आए और उन्होंने मैदान उपलब्ध कराने की स्थिति में यहां एकैडमी खोलने का वादा किया।’उन्होंने कहा, ‘यह अंडर-16 मैच के लिए उपयुक्त मैदान था और टूर्नामेंट एमसीए से मान्यता प्राप्त है। मैं विरोधी टीम के रवैये से भी खुश हूं।’

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